एक लंबी यात्रा ,अच्छा अनुभव भाग - 5
पिछले अंक में बताया था हम अमृतसर में है अभी ओर इस अंक में आपको यात्रा कराएंगे मनसा देवी माता चंडीगढ़ ओर शाकुम्भरी माता सहारनपुर , इसके बाद दिल्ली आज सुबह 20 जनवरी 2002 सुबह उठकर नित्यकर्म से फारिग हो बेग तैयार किया कमरे से गद्दे कम्बल ले जाकर काउंटर में जमा करने के उपरांत हम एक बार पुनः लक्ष्मीनारायण मंदिर गए वह भी दूसरा गोल्डन टेम्पल है , आज यहां कोहरा नही है आराम से घूमते हुए करीब 11- 30 पर रिक्सा कर बस स्टैंड पहुंच गए , चंडीगढ़ यहां से लगभग 250 किलोमीटर है , हम शाम 6 बजे चंडीगढ़ पहुचे ,पहली बार इतना व्यवस्थित शंहर देखा सभी कुछ सलीके से , भाई योजना बनाकर बसाया भी तो गया है न । हम यहां बस स्टैंड से सीधे मनसा देवी मंदिर के लिए बस द्वारा निकल पड़े , . मनसा देवी मंदिर जो कि एक प्रशिद्ध शक्ति पीठ है मान्यता है कि दक्ष यज्ञ में सती दहन के उपरांत जब शिव जी माता सती के शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे तब उनके क्रोध को शांत करने के उद्देश से भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंड-खंड कर दिया। जिसके बाद कई जगहों पर सती के शरीर के अंग गिरे, वहीं शक्त...