सिवनी दर्शन पूरी जानकारी पेंच नेशनल पार्क मध्य्प्रदेश के साथ

 पेंच नैशनल पार्क का नाम मध्य्प्रदेश के सिवनी एवं छिंदवाड़ा इन दोनों जिलों को बांटने वाली नदी पेंच के नाम पर रखा गया है 

यह नैशनल पार्क 292.83 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, कहा जाता है की इसे साल 1977 में इसे एक वन्य अभ्यारण घोषित किया गया था और साल 1983 में इसे एक नैशनल पार्क ( राष्ट्रीय उद्यान ) बना दिया गया। इसके बाद साल 1993 में इसे एक नैशनल पार्क होने के साथ साथ एक टाइगर रिजर्व भी बना दिया गया और उसके बाद इसे देश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व होने का सम्मान प्राप्त हुआ।

साल 2002 में इसे प्रियदर्शनी नैशनल पार्क नाम मिला और तभी से इसे इस नाम से ही जाना जाता है, कहा जाता है की इस ख़ूबसूरत क्षेत्र का उल्लेख मुग़ल शासक अकबर ने भी आपकी एक पुस्तक मे किया है, तो कहा जा सकता है की यह इलाक़ा मुग़ल काल के पहले से ही प्राकृतिक रूप से धनी रहा है। इस नैशनल पार्क को “मोगली लैंड” के रूप में भी जाना जाता है  कहा जाता है की “जंगल बुक” जैसी किताब की प्रेरणा इन्ही इलाको से ली गई है।

Pench National Park Is Famous For Which Animal

 इस इलाके को बाघों के संरक्षण के लिए बहुत उचित स्थान माना गया है, देश में घट रही बाघों की संख्या को देखते हुए इस जगह को “टाइगर रिजर्व इलाका” घोषित किया गया है। यहाँ पर बाघों और खासकर बंगाल टाइगर की प्रजाति को ना सिर्फ  संरक्षित करने का काम किया जाता है, बल्कि उनकी सख्या को और बढ़ाने का भी निरंतर प्रयास किया जाता है।

How To Reach Pench National Park 

पेंच नैशनल पार्क पहुंचने के लिए आप यातायात के किसी भी साधन का प्रयोग कर सकते हैं। आपको बता दें की भारत का राज्य “मध्य प्रदेश” यातायात के सभी साधनों से जुड़ा हुआ है, तो आप यहाँ पर अंतर राजकीय बस सेवा, भारतीय रेल सेवा और हवाई मार्ग ( डोमेस्टिक और इंटरनैशनल ) से भी पहुंच सकते हैं।

अगर आप सड़क मार्ग से यहाँ पर आना चाहते हैं 

Pench National Park Distance From Nagpur

 तो आपको बता दें की आप नागपुर से भी यहाँ तक पहुंच सकते हैं। आपको बता दें की नागपुर से पेच नैशनल पार्क की दूरी महज़ 80 किलोमीटर है जिसे आप सड़क मार्ग से दो से तीन घंटो में पूरा कर सकते हैं 

How To Reach Pench National Park From Mumbai 

अगर आप मुंबई के किसी और शहर से यहाँ पर आना चाहते है तो आपको बता दें की मुंबई से पेंच नैशनल पर की दूरी 950 किलोमीटर दूर है, जिसे आप सड़क मार्ग के द्वारा 15 से 20 घंटो में तय कर सकते हैं

https://www.dastawez.com/blog/pench-national-park/

सम्पूर्ण जानकारी

https://www.penchnationalpark.com/

पेंच नेशनल पार्क की बेवसाइट 




पेंच नेशनल पार्क से आप मुख्यालय सिवनी आकर 2 दिनों में यहां के दर्शनीय स्थलों को देख सकते है 

1 - प्राचीन मठ मंदिर ,- भगवान आदिशंकराचार्य द्वारा पूजित शिवलिंग के दर्शन 

सिवनी नगर में स्थित


2 - दीघोरी -  विश्व प्रशिद्ध विश्व का सबसे बड़ा स्फटिक का शिवलिंग , एवं शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरसवती महाराज की जन्म स्थली  

सिवनी से 14 किलोमीटर


3 - कालभैरव  -  छपारा बेनगंगा होते हुए आदेगांव ग्राम में पुराने महल के अंदर कालभैरव का प्रशिद्ध मंदिर 

सिवनी से 78 किलोमीटर 


4 - मठ घोघरा।  दर्शनीय स्थल पिकनिक स्पॉट , झरना शिवमंदिर  आदेगांव से लखनादौन मार्ग पर 


5 - धूमावती माता मंदिर   धूमा 

लखनादौन से 22 किलोमीटर लखनादौन से 82 किलोमीटर


6 - पायली गेस्टहाउस , बरगी डेम डूब क्षेत्र पर प्रकृतिक नजारे सुंदर पिकनिक स्पॉट 

लखनादौन से 35 k.m.   सिवनी से 117 किलोमीटर


7 - भीमगढ़ बांध  - एशिया का पहला मिट्टी का बांध पिकनिक स्पॉट  

सिवनी से  44 किलोमीटर 


8 - अमोदागड़  -  जंगल मोगली बर्थप्लेस पहाड़ नदी पिकनिक स्पॉट 

सिवनि से 46 किलोमीटर 


9 - आस्टा कालीमंदिर -  प्राचीन काल मंदिर जो मात्र एक रात्रि में जितना बन सका उतना ही है फिर कभी पूंर्ण नही हो सका ।पुरातत्व विभाग के संरक्षण में 

सिवनी से 50 किलोमीटर 


10 - मुंडारा - बेनगंगा नदी का उद्गम स्थल , कुंड , मंदिर  

सिवनी से  18 किलोमीटर 


11  में सिवनी से नागपुर रोड पर विकासखंड कुरई में जिला मुख्यालय से लगभग 50 कि.मी. की दूरी पर जिले की सीमा पर बसे हुए ग्राम खवासा से पश्चिम दिशा में लगभग 12 कि.मी. की दूरी पर पेंच राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के ग्राम टुरिया बसा है। खवासा के मूका लोहार और उनके साथियों ने 9 अक्टूबर सन् 1931 के वन आंदोलन के समय ग्रामीणों ने अंग्रेजी शासन के कानून के खिलाफ जाकर वन में घास काटकर आंदोलन की शुरूआत की थी। तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर श्री सी.मेन. के निर्देश पर पुलिस द्वारा ग्रामीणों पर लाठी एवं गौली चलाई गई थी जिसमें एक आदिवासी पुरूष एवं तीन महिलायें शहीद हुई थी। इन शहीदों में  श्रीमती मुड्डोबाई खामरी, श्रीमती रेनीबाई खम्बा, श्रीमती देभोबाई भीलबा तथा यहां श्री बिरजू भोई मुरझोड शहीद हुए थे।  ग्राम टुरिया में शहीद स्मारक स्मारक बनाया गया है। यहां पर शहीदों की याद में 9 अक्टूबर को स्थानीय स्तर पर शहीद मेला भरता है।



12  सिवनी से जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विश्राम भवन से एक कि.मी.दूर ज्यारत नाके के पास मोहम्मद शाह वली उर्फ मिया साहब नामक एक मुस्लिम पीर की दरगाह है। इसका निर्माण 18 वीं सदी में हुआ।




के अलावा सिवनी नगर में 

दलसागर लेक , प्राचीन जेन मंदिर ,पुरानी जेल , ज्यारत दरगाह ,  पुराना चर्च , बबरिया लेक, चौपाटी ,निये विकसित शनिमंदिर सिलादेही, वैष्णो मंदिर सिलादेही , 


हर प्रकार के होटल उपलब्ध , सिवनी में हाइवे पर होने के कारण जबलपुर , मंडला, नागपुर , नरसिंगपुर, बालाघाट, से सीधा जुड़ाव , 24 घण्टे बस सुविधा उपलब्ध । 

नागपुर  हवाई अड्डा , ओर सड़क मार्ग से पेंच नेशनल पार्क 90 किलोमीटर सिवनी 130 k.m. , जबलपुर हवाई अड्डा , सड़क मार्ग से सिवनी 140 किलोमीटर ,नरसिंगपुर से 130 , बालाघाट से 90 , मंडल से 110 किलोमीटर । 


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